कोरोना के चलते लोग बहुत हताश और परेशान है, ऐसा सिर्फ भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में है. लकिन दूसरे देशो में तो लोग पहले ही सोशल डिस्टन्सिंग का पालन कर रहे थे वहाँ पर लोग भारत के नागरिक की तरह भावनात्मक नहीं है. इन्हे तो दुसरो के बिना रहना भी नहीं आता. लकिन कुछ समय से भारत में भी ये सोशल डिस्टन्सिंग चलने लगी थी. पैसा कमाने की इच्छा से गए हुए बहुत से बेटे और बेटियां वायरस के चलते अब अपने अपने अपने घर आगए है जब से माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने पुरे देश में बंद का ऐलान किया है लोग अपने घरो में ही बंद है लकिन काफी खुश भी है. आखिर क्या सकारात्मक कार्य इस कर्फू में किये जा सकते है आइये जानते है:-
- जब हम लोग बाहर घर से दूर थे तब अपने लिए टाइम निकलना बहुत मुश्किल हुआ करता था लकिन अब जब हम अपने घरो में है तो अपने लिए समय निकल सकते है अपनी रूचि अनुसार कुछ भी कर सकते है. सोशल प्लेटफार्म पर कुछ बढ़िया लिख सकते है. गाना सीख सकते है, घर की सफाई, पौष्टिक आहार, खाना बनाना लकिन मोबाइल फोन पे कुछ नहीं क्योकि ये तो आपके पास पहले भी था.
- हम लोग अपने शरीर को इस समय पर बिलकुल शिथिल भी बना सकते है और बहुत सवस्थ भी, क्यों न हम लोग सुबह और श्याम वयायाम करे और अपने जीवन में इसको लॉक डाउन करदे ताकि ये हमेशा हमारी आदतों में रहे.
- अपने मन को शांत करने के लिए हम हररोज़ मैडिटेशन मतलब ध्यान कर सकते है. क्योकि मन का शांत रहना जरुरी है. कहते है न "मन चंगा तो कठोती में गँगा" ध्यान का मतलब आँख बंद करके कुछ जप करना नहीं अपितु अपने मन में आये गलत विचारो को भागना है.
- आप इस समय अपने आस पास किसी गरीब या जरूरतमंद की मदद कर सकते है, ऐसा सोचना के इनकी मदद तो सरकार का कार्य है ये गलत है, जितना हो सके उतनी मदद करे विश्वास कीजिये ये आपको बहुत सुकून देगा.
- आप के लिए सबसे जरुरी है हंसी मज़ाक क्योकि इससे बड़ी तो कोई जड़ीबूटी भी नहीं है. लकिन पता नहीं हमारी ये जड़ीबूटी कोई तोड़ के लेगया है या ये असरदार नहीं रही. तो अपनी इस जड़ीबूटी का प्रयोग करे और खुद हसे और दुसरो को भी हसाए
मै अंत में यही कहूंगा दोस्तों के जिंदगी के हर इक पल को सकारात्मकता से जिए चलो तो सब कुछ सही है और इस जिंदगी में हंसी मज़ाक भी उतना ही अहम है जितना की खाने में नमक. इसलिए जिंदगी का सवाद आपके हाथ में है.